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दीक्षांत समारोह

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Tuesday, June 24, 2014

केन्द्रीय कृषि मंत्री से मुख्यमंत्री ने गेहूँ के न्यूनतम समर्थन मूल्य के बारे मे चर्चा की

खेती—किसानी(संवाददाता)। केन्द्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह से मुलाकात कर  मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने आज दिल्ली में  हाल ही में केन्द्र सरकार द्वारा गेहूँ के न्यूनतम समर्थन मूल्य के सम्बन्ध में जारी आदेश को वापस लेने का आग्रह किया। चौहान ने कृषि से जुड़े केन्द्र सरकार में विभिन्न लंबित मुद्दों से उन्हें अवगत करवाया।  चौहान ने प्राकृतिक आपदा राहत कोष से सहायता राशि की प्रतिपूर्ति करने की भी मांग की। मुख्यमंत्री के साथ कृषि मंत्री  गौरीशंकर बिसेन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री  गोपाल भार्गव और लोक निर्माण मंत्री  सरताज सिंह, वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

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Friday, October 19, 2012

प्रदेश में रबी सीजन में 104 लाख हेक्टेयर में बोवाई का कार्यक्रम

 गत वर्ष की तुलना में चार लाख हेक्टेयर रकबा बढ़ेगा
प्रदेश में इस साल 104 लाख हेक्टेयर में रबी फसलों की बोवनी की जायेगी। पिछले साल रबी मौसम में 99 लाख 52 हजार हेक्टेयर रकबे में फसलें बोई गई थीं। पिछले साल की तुलना में इस साल रबी क्षेत्रफल में 4 लाख 28 हजार हेक्टेयर की वृद्धि भरपूर वर्षा के कारण होगी। किसानों को तिलहनी और दलहनी फसलों की बोवाई संचित नमी के कारण करने की सलाह दी जा रही है।

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Friday, August 17, 2012

कृषि विकास में मध्यप्रदेश देश में अव्वल

आर्थिक विकास दर में नम्बर दो 

मध्यप्रदेश वर्ष 2011-12 में लगभग 18 प्रतिशत कृषि विकास दर हासिल कर पूरे देश में अव्वल रहा है। आर्थिक विकास दर (जीएसडीपी) में मध्यप्रदेश का नम्बर देश में दूसरा है। वर्ष 2011-12 में मध्यप्रदेश ने 11.98 प्रतिशत आर्थिक विकास दर हासिल की। मध्यप्रदेश भारत में अकेला ऐसा राज्य है, जिसने 11वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान तथा वर्ष 2011-12 में जीएसडीपी के सभी अंगों में प्रथम चार राज्यों में स्थान प्राप्त किया।

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Wednesday, May 23, 2012

केन्द्र ने दस लाख के विरुद्ध 2.65 लाख मी. टन गेहूँ ही उठाया

 पारस जैन ने अधिकारियों के साथ की गेहूँ उपार्जन की समीक्षा
Bhopal:Tuesday, May 22, 2012
  खाद्य, नागरिक आपूर्ति राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री पारस जैन ने आज मंत्रालय में एक बैठक में किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन एवं बारदानों की उपलब्धता की समीक्षा की। बैठक में अपर मुख्य सचिव खाद्य श्री एंटोनी डीसा, प्रबंध संचालक राज्य सहकारी विपणन संघ श्री अजय तिर्की और नागरिक आपूर्ति निगम के प्रबंध संचालक श्री चंद्रहास दुबे उपस्थित थे।

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Thursday, May 17, 2012

उर्वरक के अग्रिम उठाव को अभियान के रूप में लिया जाय

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने की कृषि विभाग की समीक्षा
Bhopal:Wednesday, May 16, 2012
  मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने खरीफ के लिये उर्वरक के अग्रिम उठाव को अभियान के रूप में लेने तथा रबी फसल के लिए उर्वरक की अग्रिम मांग भी निर्धारित कर केन्द्र सरकार को भेजने के निर्देश दिये हैं। श्री चौहान आज यहाँ मंत्रालय में किसान-कल्याण तथा कृषि विकास विभाग की त्रैमासिक समीक्षा कर रहे थे। बैठक में कृषि मंत्री डाँ. रामकृष्ण कुसमरिया, राज्य मंत्री श्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह, मुख्य सचिव श्री आर. परशुराम और कृषि उत्पादन आयुक्त श्री एम.एम. उपाध्याय भी मौजूद थे।

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Tuesday, May 8, 2012

मुख्यमंत्री से इजराइल अध्ययन यात्रा पर जा रहे कृषक दल की मुलाकात

दल 12 मई को मुम्बई से इजराइल के लिए प्रस्थान करेगा
Bhopal:Tuesday, May 8, 2012
  मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान से आज यहां इजराइल की अध्ययन यात्रा पर जा रहे बीस सदस्यीय कृषक दल से मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि दल के सदस्य प्रदेश के दूत के रूप में यात्रा पर जायं। वहां प्रदेश में चल रहे अच्छे कार्यों की जानकारी पर दें तथा नयी तकनीक सीख कर आयें। उन्होंने कहा के प्रदेश सरकार किसान मित्र सरकार है। आधुनिक कृषि तकनीक का उपयोग कर लाभ उठायें। इस अवसर पर कृषि मंत्री डा. रामकृष्ण कुसमरिया भी मौजूद थे।

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किसानों से गेहूँ की उपज की पूरी खरीदी की जायेगी

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने ग्वालियर में भरोसा दिलाया किसानों को
Bhopal:Monday, May 7, 2012
  मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में किसानों से समर्थन मूल्य पर उनके गेहूँ की उपज की पूरी खरीदी की जायेगी। गेहूँ खरीदी के लिये प्रदेश में व्यापक इंतजाम किये गये हैं। श्री चौहान आज ग्वालियर में जन-सामान्य और किसानों से चर्चा कर रहे थे।

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Thursday, April 26, 2012

मप्र में 30 अप्रैल तक बारदाना आपूर्ति व्यवस्था में सुधार करे

सुधार न होने पर नई दिल्ली में  मुख्यमंत्री एवं सांसद देंगे धरना

New Delhi:Wednesday, April 25, 2012



मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज यहाँ मध्यप्रदेश के लोकसभा एवं राज्यसभा सांसदों के साथ बैठक कर प्रदेश में प्रचलित गेहूँ उपार्जन में बारदानों की कम आपूर्ति और उपार्जित गेहूँ के केन्द्र द्वारा उठाव की समस्याओं के संबंध में चर्चा की।

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Wednesday, April 25, 2012

गेहूँ खरीदी ने पकड़ा जोर, पिछले साल से 60 प्रतिशत ज्यादा

3.78 लाख किसानों के खाते में 4768 करोड़


Bhopal:Monday, April 23, 2012

  प्रदेश में समर्थन मूल्य योजना में गेहूँ बेचने वाले किसानों की तादाद लगातार बढ़ती जा रही है। खरीदी के जोर पकड़ने के नतीजे में पिछले साल की तुलना में अभी ही इसमें 60 प्रतिशत बढ़ोत्तरी हासिल कर ली गयी है। अब तक गेहूँ देने वाले 3 लाख 78 हजार 10 किसानों के बैंक खाते में 4768 करोड़ 58 लाख की धनराशि जमा करवा दी गई है। इस मुहिम के 20 मई तक पूरी होने के दौरान समूची प्रक्रिया पर 20 हजार करोड़ से ज्यादा खर्च किये जाने का अनुमान लगाया गया है।

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Tuesday, April 24, 2012

मप्र को रबी सीजन में 35 मेगावॉट बिजली मिलेगी


पॉवर मैनेजमेंट कम्पनी और पीटीसी के बीच हुआ पीपीए

Bhopal:Monday, April 23, 2012

  मध्यप्रदेश पॉवर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड और पावर ट्रेडिंग कार्पोरेशन के मध्य आज जबलपुर में एक पॉवर परचेस एग्रीमेंट हस्ताक्षरित किया गया। इसके अनुसार मध्यप्रदेश को पीटीसी के माध्यम से टोरेंट पावर कंपनी लिमिटेड के 347.5 मेगावाट स्थापित क्षमता के उनोसूजेन (यूएनओएसयूजीइएन) गैस आधारित विद्युत गृह में उत्पादित होने वाली बिजली में से 35 मेगावाट बिजली अगले रबी सीजन में दिसंबर 2012 से प्राप्त होने लगेगी।

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Tuesday, January 10, 2012

वन संवर्द्धन के साथ ही 789 परिवारों को मिला आय का साधन

प्रदेश के 7800 हेक्टेयर क्षेत्र में बिगड़े बाँस वन क्षेत्र का उपचार
Bhopal:Monday, January 9, 2012
  संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम के माध्यम से प्रदेश में भू-क्षरण रोकने के लिए संचालित परियोजना में वर्ष 2011 के अंत तक 7,800 हेक्टेयर बिगड़े बाँस वन क्षेत्रों का उपचार 789 हितग्राही परिवारों द्वारा किया गया। यह परियोजना प्रदेश के बैतूल, छिन्दवाड़ा, सीधी, सिंगरौली और उमरिया जिलों के नौ क्षेत्रीय वन मण्डलों में क्रियान्वित की जा रही है।

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Saturday, December 17, 2011

किसानों के लिए एक द्विभाषीय वेबपोर्टल कृषि नेट विकसित

देश में अपनी तरह की प्रथम शासकीय वेबसाइट
Bhopal:Saturday, December 17, 2011: Updated16:00IST
  प्रदेश में सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी के सुदृढ़ीकरण के अंतर्गत कृषि नेट परियोजना क्रियान्वित की गई है। परियोजना में किसानों की सुविधा के लिये एक द्विभाषीय वेबपोर्टल कृषि नेट विकसित किया गया है। यह हिन्दी भाषा में खेती एवं खेती से संबंधित सभी तकनीकी व्यावासायिक एवं विभागीय शासकीय योजनाओं की जानकारी किसानों को बिना किसी रोक-टोक के हर समय उपलब्ध करवाने वाली देश में अपनी तरह की प्रथम शासकीय वेबसाइट है, जो प्रदेश में किसानों की स्थानीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर विकसित की गई है।

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Friday, November 4, 2011

उर्वरक आपूर्ति का समुचित प्रबंधन करें, मुख्यमंत्री श्री चौहान

ग्यारहवीं पंचवर्षीय योजना में कृषि विकास दर नौ प्रतिशत से अधिक होगी
Bhopal:Thursday, November 3, 2011 
प्रदेश में 11वीं पंचवर्षीय योजना में कृषि विकास दर नौ प्रतिशत से अधिक रहेगी। यह जानकारी आज मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा ली गई कृषि विभाग की समीक्षा बैठक में दी गयी। बैठक में कृषि मंत्री डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया, कृषि राज्य मंत्री श्री ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह और मुख्य सचिव श्री अवनि वैश्य भी उपस्थित थे।

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Saturday, October 22, 2011

छोटे किसानों को बिचौलियों से बचाने होगी विपणन की बेहतर व्यवस्था

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने की समीक्षा
Bhopal:Friday, October 21, 2011
 प्रदेश में सब्जी और फलों की उत्पादन करने वाले छोटे किसानों को बिचौलियों से बचाने के लिये विपणन की बेहतर व्यवस्था की जायेगी। यह व्यवस्था उद्यानिकी नीति के अन्तर्गत की जायेगी। इसके लिये मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने आज यहाँ उद्यानिकी और खाद्य प्रसंस्करण विभाग की समीक्षा बैठक में इस संबंध में शीघ्र ठोस कदम उठाने के निर्देश दिये। बैठक में उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय और मुख्य सचिव श्री अवनि वैश्य भी उपस्थित थे।

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Wednesday, July 6, 2011

मुख्यमंत्री अपने खेतों में डालेंगे सुपर-फॉस्फेट

Bhopal:Tuesday, July 5, 2011:
  मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की इन दिनों खेती-बाड़ी के प्रति रूचि दिनों-दिन बढ़ रही है। उन्होंने संकल्प लिया है कि मध्यप्रदेश में वे खेती को लाभ का धंधा बना कर रहेंगे। अपने संकल्प को व्यावहारिक अमली जामा पहनाने के लिये वे खुद भी अपने खेतों पर ऐसे प्रयोग कर रहे हैं जिसका सीधा लाभ मिलने लगा है। श्री चौहान जब कभी समय मिलता है तो अपनी खेती की प्रगति देखने जाते हैं।

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Wednesday, January 12, 2011

फसल के असल नुकसान पर दी जाएगी राहत

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान फसलों के नुकसान का आंकलन करने वाली कार्य पद्धति से सहमत नहीं है। उनका कहना है किअब किसानों को फसल के असल नुकसान पर राहत दी जाएगी।

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Thursday, April 8, 2010

डीएपी आयात करने सहकारी विपणन संघ नोडल एजेन्सी घोषित

  औद्योगिक प्रयोजन हेतु जल दरों में संशोधन
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज यहां सम्पन्न मंत्रि परिषद की बैठक में उर्वरक आयात के लिए विपणन संघ को नोडल एजेंसी घोषित करने, सिंगरौली जिले के लिए विभिन्न पदों का निर्माण, बुन्देलखंड क्षेत्र में नवीन विश्वविद्यालय खोलने आदि निर्णय लिए गए।

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Saturday, January 23, 2010

समर्थन मूल्य पर गेहूँ की खरीदी 15 मार्च से शुरू होगी

मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा तैयारियों की समीक्षा
मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने समर्थन मूल्य पर आगामी 15 मार्च से गेहूं की खरीदी के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं।मुख्यमंत्री श्री चौहान आज यहां मंत्रालय में खरीदी की तैयारियों की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में किसान कल्याण तथा कृषि विकास मंत्री डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया, खाद्य, नागरिक आपूर्ति राज्य मंत्री श्री पारस जैन, प्रमुख सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति श्री अशोक दास, मुख्यमंत्री के सचिव श्री एस.के. मिश्र, प्रमुख सचिव श्री इंद्रनील दाणी, भण्डार गृह निगम के प्रबंध संचालक श्री अनिल श्रीवास्तव, पंजीयक सहकारी संस्थाएं श्री अरुण भट्ट एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

इस वर्ष भारत सरकार ने गेहूं का समर्थन मूल्य 1100 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया है। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा इस पर 100 रुपये प्रति क्विंटल बोनस अतिरिक्त दिया जाएगा।

बैठक में बताया गया कि राज्य में इस वर्ष संभावित गेहूं के अधिक उत्पादन के आंकलन के अनुसार समर्थन मूल्य पर 35 लाख टन गेहूं की खरीदी के लिए व्यवस्थाएं की जा रही हैं। इस समय पश्चिम बंगाल में जूट मिलों में हड़ताल के कारण प्लास्टिक बेग की भी व्यवस्था की जा रही है। किसानों को समय पर भुगतान के लिए आवश्यक धनराशि की व्यवस्था कर ली गई है। किसानों से ही खरीदी हो यह सुनिश्चित करने के लिए पटवारी से बी-1 प्रमाण, खसरा अथवा ऋण पुस्तिका किसी एक को किसान होने का प्रमाण माना जाएगा। आवश्यक होने पर जिला प्रशासन तथा पुलिस का भी सहयोग लिया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने पिछले वर्ष के अनुभव के आधार पर किसानों को तत्काल भुगतान तथा परिवहन आदि के लिए व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि वे स्वयं भी कुछ मण्डियों में खरीदी का निरीक्षण करेंगे।

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Saturday, January 9, 2010

औषधीय पौधों के उत्पादन की 76 करोड़ की योजना तैयार

मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने मंथन-2009 में गठित अधिकारियों के कार्यदलों द्वारा प्रस्तुत सिफारिशों पर विभागवार समीक्षा के अंतर्गत मंत्रालय में आज दूसरे दौर में वन, कृषि, पशुपालन और मत्स्य-पालन विभाग द्वारा तैयार रोड मेप की समीक्षा की। इस अवसर पर संबंधित मंत्रीगण सर्वश्री सरताज सिंह, डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया, श्री अजय विश्नोई, राज्य मंत्री श्री बिजेन्द्र प्रताप सिंह और श्री जयसिंह मरावी के अलावा मुख्य सचिव श्री राकेश साहनी एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।वन विभाग
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने वन विभाग को अपनी गतिविधियों को आय वृद्धि की दृष्टि से संचालित करने की दिशा में अधिक ध्यान देने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि फलदार पौधों का रोपण भी प्रतिवर्ष किया जाये। वनोपज संघ के कार्यों से भी आय बढ़ना चाहिये। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि केरल में जिस तरह लौंग, काली मिर्च आदि का उत्पादन वृहद स्तर पर हो रहा है, उसी तरह प्रदेश में इस क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं का दोहन किया जाये। श्री चौहान ने इंदौर में होने वाली खाद्य प्रसंस्करण उद्योग संगोष्ठी में स्पाइस पार्क के मॉडल के प्रदर्शन के निर्देश दिये।
वन विभाग द्वारा प्रस्तुत रोड मेप में बताया गया कि औषधीय पौधों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिये 76 करोड़ रूपये की योजना तैयार की गई है। निवेश एवं रोजगार सृजन के उद्देश्य से वन विभाग में प्रकोष्ठ का गठन कर लिया गया है। राज्य सीमाओं पर वन विभाग की वर्तमान जांच चौकियों को एकीकृत कम्प्यूटर आधारित जांच चौकी में बदलने की दिशा में कदम उठाये गये हैं। इस वित्त वर्ष की समाप्ति तक पशुहानि, जनहानि और संरक्षित क्षेत्र से विस्थापित व्यक्तियों को मिल रही सुविधाओं का विवरण विभागीय वेबसाइट पर उपलब्ध कराया जायेगा। वन विभाग को सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा संचालित कॉल सेंटर में जानकारी उपलब्ध कराने एवं शिकायत दर्ज कराने के लिये सम्बद्ध किया गया है। विभागीय अधिकारियों को वन्यप्राणी संरक्षण, संयुक्त वन प्रबंधन और वन ग्रामों के विकास में विशेषज्ञता हासिल करने के लिये प्रोत्साहित किया जा रहा है। विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों का डाटा बेस भी तैयार किया जा रहा है।
किसान कल्याण एवं कृषि
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कृषि को फायदे का धंधा बनाने के लिये मंथन के कार्यदल की अनुशंसाओं पर किसान कल्याण तथा कृषि विभाग द्वारा प्रस्तुत रोड मेप की विस्तार से समीक्षा की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कृषि विभाग द्वारा किसानों को स्वयं बीज उत्पादन के लिये प्रोत्साहित करने के प्रयासों को बढ़ाने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने राज्य बीज निगम की अंश पूंजी में वृद्धि और राज्य सरकार की गारंटी से 47.72 करोड़ की वित्त व्यवस्था की सहमति दी। इस व्यवस्था से बीज उत्पादन कार्यक्रम का प्रभावी क्रियान्वयन किया जायेगा।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इस वर्ष स्वाइल हेल्थ कार्ड योजना को लागू करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि चरणबद्ध रूप से योजना का क्रियान्वयन करते हुए अगले दो साल में प्रत्येक किसान को भूमि का हेल्थ कार्ड प्रदान किया जाये। इसी तरह जैविक खाद को बढ़ावा देने एवं प्रदेश की जैविक नीति तैयार करने का कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री श्री चौहान ने हर विकासखंड के एक ग्राम में एक मॉडल कृषि फार्म विकसित करने के निर्देश दिये। उन्होंने सरकारी कृषि प्रक्षेत्रों पर पायलेट आधार पर प्रदर्शन के लिये मॉडल फार्म विकसित करने पर भी बल दिया। श्री चौहान ने किसानों को निरंतर उपयोगी परामर्श, प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन देने के भी निर्देश दिये। उन्होंने कृषि विज्ञान केन्द्रों के साथ कृषि विभाग के बेहतर समन्वय की जरूरत बताते हुए इन केन्द्रों को किसानों के लिये अधिक उपयोगी बनाने के निर्देश दिये।
कृषि विभाग के रोड मेप में जानकारी दी गई कि कृषि उपजों के मंडी भाव की जानकारी गांव तक पहुंचाने के लिये एस.एम.एस. माध्यम का उपयोग शुरू किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने खेत-तालाब, बलराम-तालाब आदि योजनाओं के समन्वित रूप से उपयोग के निर्देश दिये ताकि इस क्षेत्र में अच्छे परिणाम प्राप्त हों। श्री चौहान ने निवेश वृद्धि समूह की राज्य में अधिक परियोजनाओं को पी.पी.पी. मॉडल पर लागू करने की अनुशंसा पर भी शीघ्र कदम उठाने को कहा। कृषि विभाग के रोड मेप में जानकारी दी गई कि मध्यप्रदेश प्रामाणिक जैविक कपास उत्पादन में देश में अव्वल है। जैविक उत्पादों के प्रमाणीकरण के लिये कार्य कर रही संस्था का सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है। कृषि एवं उद्यानिकी फसलों को प्रदेश से बाहर एवं विदेशों में निर्यात के लिये लाजिस्टिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
पशुपालन
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मंथन-2009 के समूहों द्वारा की गई अनुशंसाओं पर पशुपालन विभाग के रोड मेप की भी समीक्षा की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में पशुपालन के क्षेत्र में व्यवसाय वृद्धि की काफी संभावनाएं हैं। उन्नत नस्ल के दूधारू पशुओं के साथ ही वैज्ञानिक प्रबंधन, अच्छे पशु आहार और पशुओं का स्वास्थ्य ठीक रखने के लिये दी जा रही सेवाओं में और सुधार कर इस लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने पशुपालन गतिविधियों से पशुपालकों को अधिक आय के अवसर उपलब्ध कराने के प्रयास बढ़ाने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि दूध, गौ-मूत्र, गोबर के उपयोग से पशुपालक की आमदनी बढ़ाने के लिये सतत कार्रवाई की जाये।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रदेश में बकरी पालन को बढ़ावा देने की संभावनाओं का दोहन करने के भी निर्देश दिये। पशुपालन विभाग के रोड मेप में जानकारी दी गई कि मध्यप्रदेश बकरी पालन में संख्या की दृष्टि से देश में छठवें और दुग्ध उत्पादन की दृष्टि से तीसरे स्थान पर है। बकरी के दूध से निर्मित चीज़ की विदेशों में काफी मांग है। मध्यप्रदेश इस दिशा में पहल कर रहा है।
समीक्षा के दौरान बताया गया कि प्रदेश में गौ-सेवकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार किया गया है। गौ-सेवकों को विशेष किट भी उपलब्ध कराये जायेंगे ताकि गौवंश में वृद्धि के लक्ष्य को प्राप्त करने में आसानी हो। मध्यप्रदेश पशुधन एवं कुक्कुट विकास निगम के माध्यम से पशु आहार संयंत्र की स्थापना के प्रयास किये जा रहे हैं। निगम में निवेश एवं रोजगार सृजन प्रकोष्ठ गठित किया गया है। पशुपालन में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाने के लिये ग्रामीण विकास विभाग के सहयोग एवं समन्वय से स्व-सहायता समूहों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। चारा उत्पादन कार्यक्रम को बढ़ावा देने के लिये राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत प्रयास किये जा रहे हैं। पशुपालन को संगठित क्षेत्र में लाने के प्रयासों में शहरी और अर्ध शहरी क्षेत्रों में डेयरी और पोल्ट्री एस्टेट के लिये अधोसंरचना का निर्माण किया जा रहा है। दुग्ध संघों की कार्यकुशलता बढ़ाने के प्रयास भी किये जा रहे हैं।
मत्स्य-पालन
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मत्स्य-पालन विभाग द्वारा मंथन की अनुशंसाओं पर आधारित रोड मेप की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रदेश के तालाबों में मत्स्य पालन की क्षमता का पूरा दोहन करने की कार्य योजना बनाई जाये। आवश्यक हो तो ग्रामीण जलाशयों में मत्स्य-उत्पादन में वृद्धि के लिये नरेगा योजना के अंतर्गत जलाशयों का गहरीकरण कार्य किया जाये और वृहद जलाशयों की क्षमताओं का अध्ययन करते हुए आवश्यक कदम उठाये जायें। मत्स्य-बीजों की पूर्ति के लिये परियोजनाओं में आवश्यक प्रावधान किये जायें। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मत्स्य-विक्रय के लिये बड़े नगरों में आधुनिक सुविधायुक्त मत्स्य-विक्रय बाजार निर्मित करने की दिशा में समयबद्ध कार्यक्रम तैयार कर क्रियान्वयन के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने मत्स्य-पालन गतिविधियों के लिये विद्युत दरों को कृषि क्षेत्र के समान रखे जाने के संबंध में की जा रही कार्रवाई की जानकारी भी प्राप्त की। विभागीय रोड मेप में जानकारी दी गई कि कृषि की भाँति जल कृषि (एक्वाकल्चर) के लिये आनावरी लागू करने की अनुशंसा पर अमल के लिये भारत सरकार को प्रस्ताव भेजा जायेगा। इसी तरह सिंचाई विभाग के स्वामित्व वाले वृहद तलाशयों की नहरों के किनारों की भूमि पर नये तालाबों के निर्माण और उनके मत्स्य-पालन में उपयोग पर भी विचार-विमर्श हुआ।
मंथन समूहों की अनुशंसाओं पर रोड मेप प्रस्तुति के दौरान संबंधित विभागों के प्रमुख सचिव, सचिव एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

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ADMARK

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